??? - ?????? - ???? by Shri Ram Parivar

Last Updated: October 23, 2025
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भोला की भजन शाला - 1
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यू ट्यूब के "भोला कृष्णा चेनल " में उपलब्ध -व्ही. एन . श्रीवास्तव "भोला" द्वारा गाये भजननिःशुल्क सीखिये और जी भर के गाइए,सीखने के साथ साथ अपने इष्ट को रिझाइये,मन वांछित फल पाइयेइन में से अनेक भजनों के लिखने और गाने की प्रेरणा पारम्परिक रचनाओं से मिली है, पुरातन उन सभी अज्ञेय रचनाकारों एवं संगीतज्ञों का गुरुत्व शिरोधार्य है !अंजनी सुत हे पवन दुलारे , हनुमत लाल राम के प्यारे !! शब्द स्वर = भोला
डगमग डगमग डोले नैया ---- उमा
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डगमग डगमग डोले नैयापार लगावो तो जानूँ खेवैया चंचल चित्त को मोह ने घेरा, पग-पग पर है पाप का डेरा,लाज रखो तो लाज रखैयापार लगावो तो जानूँ खेवैया छाया चारों ओर अँधेरा, तुम बिन कौन सहारा मेरा,हाथ पकड़ कर बंसी बजैयापार लगावो तो जानूँ खेवैया भक्तों ने तुमको मनाया भजन से, मैं तो रिझाऊँ तुम्हें आँसुवन से,गिरतों को आ के उठावो कन्हैयापार लगावो तो जानूँ खेवैया Listen to
ये विनती रघुवीर गोसाई — उमा
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ये बिनती रघुबीर गुसांई,और आस बिस्वास भरोसो, हरो जीव जड़ताई,चहौं न कुमति सुगति संपति कछु, रिधि सिधि बिपुल बड़ाई,हेतू रहित अनुराग राम पद बढै अनुदिन अधिकाई,कुटील करम लै जाहिं मोहिं जहं जहं अपनी बरिआई,तहं तहं जनि छिन छोह छांडियो कमठ-अंड की नाईं,या जग में जहं लगि या तनु की प्रीति प्रतीति सगाई,ते सब तुलसी दास प्रभु ही सों होहिं सिमिटि इक ठाईं,Listen to Bhajan sung by Dr. Uma Shrivastava by clicking
चितचोरन छबि रघुबीर की — उमा
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चितचोरन छबि रघुबीर की।बसी रहति निसि बासर हिय मेंबिहरनि सरजू तीर की ।चितचोरन छबि रघुबीर की...उर मणि माल पीत पट राजतचलनि मस्त गज गीर की ।चितचोरन छबि रघुबीर की...सिया अलि लखि अवध छैल छबिसुधि नहीं भूषण चीर की ।चितचोरन छबि रघुबीर की...Listen to Bhajan sung by Dr. Uma Shrivastava by clicking here.
ऐसो को उदार जग माहीं - उमा
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ऐसो को उदार जग माहीं ।बिनु सेवा जो द्रवै दीन पर, राम सरस कोउ नाहीं ॥जो गति जोग बिराग जतन करि, नहिं पावत मुनि ज्ञानी ।सो गति देत गीध सबरी कहँ, प्रभु न बहुत जिय जानी ॥जो संपति दस सीस अरप करि, रावण सिव पहँ लीन्हीं ।सो संपदा विभीषण कहँ अति सकुच-सहित हरि दीन्हीं ॥तुलसीदास सब भांति सकल सुख जो चाहसि मन मेरो ।तो भजु राम, काम सब पूरन करहि कृपानिधि तेरो ॥Listen to Bhajan sung by Dr. Uma Shrivastava by
नाथ मेरो कहा बिगरेगो - उमा
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नाथ मेरो कहा बिगरेगोजायेगी लाज तुम्हारीभूमि बिहीन पाण्डव सुत डोले, जब ते धरमसुत हारेरही है ना पैज प्रबल पारथ की, कि भीम गदा महि डारी,नाथ मेरो कहा बिगरेगो ...शूर समूह भूप सब बैठे, बड़े बड़े प्रणधारी,भीष्म द्रोण कर्ण दुशासन, जिन्ह मोपे आपत डारी,नाथ मेरो कहा बिगरेगो ...तुम तो दीनानाथ कहावत, मैं अति दीन दुखारी,जैसे जल बिन मीन जो तड़पै, सोई गति भई हमारी,नाथ मेरो कहा बिगरेगो ...मम पति पांच, पांचन के तुम
सुनि कान्हा तेरी बांसुरी - उमा
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सुनि कान्हा तेरी बांसुरी,बांसुरी तेरी जादू भरी॥सारा गोकुल लगा झूमने,क्या अजब मोहिनी छा गयी,मुग्ध यमुना थिरकने लगी,तान बंसी की तड़पा गयी,छवि मन में बसी सांवरी।सुनि कान्हा तेरी बांसुरीबांसुरी तेरी जादू भरीहौले से कोई धुन छेड़ के,तेरी मुरली तो चुप हो गयी,सात सुर भंवर में  कहीं,मेरे मन की तरी खो गयी,मैं तो जैसे हुई बावरी।सुनि कान्हा तेरी बांसुरी,बांसुरी तेरी जादू भरी।Listen to Bhajan sung by Dr.
म्हाणे चाकर राखो जी - उमा
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म्हाणे चाकर राखो जी, गिरधारी ...चाकर रहस्यूँ बाग लगास्यूँ नित उठ दरशन पास्यूँ।वृन्दावन की कुञ्ज गलिन में गोविन्द लीला गास्यूँ।म्हाणे चाकर राखो जी, गिरधारी ...ऊँचे ऊँचे महल बनाऊँ बिच बिच राखूँ क्यारी।साँवरिया के दरशन पाऊँ पहर कुसुम्बी साड़ी।म्हाणे चाकर राखो जी, गिरधारी ...मीराँ के प्रभु गहर गम्भीरा हृदय धरो री धीरा।आधी रात प्रभु दरशन दीन्हे प्रेम नदी के तीरा।म्हाणे 
यदि नाथ का नाम दयानिधि है - उमा
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रघुवर तेरो ही दास कहाऊँ - उमा
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रघुवर तेरो ही दास कहाऊँतेरो नाम जपूँ निसि वासरतेरो ही गुण गाऊँरघुवर तेरो ही दास कहाऊँतुम ही मेरे प्राण जीवन धनतुम तजि अनत न जाऊँतुम्हरे चरण कमल को भज कररतन हरि सुख पाऊँरघुवर तेरो ही दास कहाऊँListen to Bhajan sung by Dr. Uma Shrivastava by clicking here.
नमो अंजनिनंदनं वायुपूतम् - उमा
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नमो अंजनिनंदनं वायुपूतम्  सदा मंगलाकर श्रीरामदूतम् ।महावीर वीरेश त्रिकाल वेशम् घनानन्द निर्द्वन्द हर्तां कलेशम् ।नमो अंजनिनंदनं वायुपूतम्  सदा मंगलाकर श्रीरामदूतम् ।संजीवन जड़ी लाय नागेश काजेगयी मूर्च्छना रामभ्राता निवाजे।सकल दीन जन के हरो दुःख स्वामीनमो वायुपुत्रं नमामि नमामि।नमो अंजनि नंदनं वायुपूतम्  सदा मंगलागार श्री राम दूतम् ।Listen to Bhajan sung by Dr.
साधो, मन का मान त्यागो - उमा
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साधो, मन का मान त्यागो।काम, क्रोध, संगत दुर्जन की, इनसे अहि निशि भागो,साधो, मन का मान त्यागो…सु:ख-दुःख दोऊ सम करि जानो, और मान अपमाना,हर्ष-शोक से रहै अतीता, तीनों तत्व पहचाना,साधो, मन का मान त्यागो…अस्तुति निंदा दोऊ त्यागो, जो है परमपद पाना,जन नानक यह खेल कठिन है, सद्गुरु के गुन गाना, साधो, मन का मान त्यागो…alternateअस्तुति निंदा दोऊ त्यागो, खोजो पद निरवाना,जन नानक यह खेल कठिन है,
मंगल मूरति राम दुलारे - उमा
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मंगल मूरति राम दुलारे,आन पड़ा अब तेरे द्वारे,हे बजरंगबली हनुमान,हे महावीर करो कल्याण,हे महावीर करो कल्याण ॥तीनों लोक तेरा उजियारा,दुखियों का तूने काज सँवारा,हे जगवंदन केसरीनंदन,कष्ट हरो हे कृपानिधान ॥मंगल मूरति राम दुलारे…तेरे द्वारे जो भी आया,खाली नहीं कोई लौटाया,दुर्गम काज बनावन हारे,मंगलमय दीजो वरदान ॥मंगल मूरति राम दुलारे…तेरा सुमिरन हनुमत वीरा,नासे रोग हरे सब पीरा,राम लखन सीता मन
रघुवर तुमको मेरी लाज - उमा
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रघुवर तुमको मेरी लाज ।सदा सदा मैं शरण तिहारी,तुम हो गरीब निवाज़ ॥पतित उधारण विरद तिहारो,श्रवनन सुनी आवाज ।तुमको मेरी लाज, रघुवर तुमको मेरी लाज  …हौँ तो पतित पुरातन कहिए,पार उतारो जहाज ॥तुलसीदास पर किरपा कीजै,भगति दान देहु आज ॥तुमको मेरी लाज, रघुवर तुमको मेरी लाज  …अघ खंडन दुःख भन्जन जन के,यही तिहारो काज ।तुमको मेरी लाज, रघुवर तुमको मेरी लाज  …Listen to Bhajan sung by
प्रबल प्रेम के पाले पड़ कर - उमा
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प्रबल प्रेम के पाले पड़ कर,प्रभु को नियम बदलते देखा ।उनका मान भले टल जाए,भक्त का मान न टलते देखा ॥जिनकी केवल कृपा दृष्टि से,सकल सृष्टि को पलते देखा ।उनको गोकुल के गोरस पर,सौ-सौ बार मचलते देखा ॥प्रबल प्रेम के पाले पड़ कर…जिनके चरण कमल कमला के,करतल से न निकलते देखा ।उनको बृज करील कुञ्जों में,कंटक पथ पर चलते देखा ॥प्रबल प्रेम के पाले पड़ कर…जिनका ध्यान विरंचि शम्भुसनकादिक से न सम्हलते देखा ।उनको बाल
अब तो माधव मोहे उबार - उमा
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अब तो माधव मोहे उबार |दिवस बीते रैन बीती, बार बार पुकार ||नाव है मझधार भगवान्, तीर कैसे पाए,घिरी है घनघोर बदली पार कौन लगाये |काम क्रोध समेत तृष्णा, रही पल छिन घेर,नाथ दीनानाथ कृष्ण मत लगाओ देर |दौड़ कर आये बचाने द्रौपदी की लाज,द्वार तेरा छोड़ के किस द्वार जाऊं आज |Listen to Bhajan sung by Dr. Uma Shrivastava by clicking here.
गोविंद कबहुँ मिले पिया मेरा - उमा
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गोविंद कबहुं मिलै पिया मेरा॥चरण-कंवल को हंस-हंस देखूं राखूं नैणां नेरा।गोविंद, राखूं नैणां नेरा।गोविंद कबहुं मिलै पिया मेरा॥निरखणकूं मोहि चाव घणेरो कब देखूं मुख तेरा।गोविंद, कब देखूं मुख तेरा।गोविंद कबहुं मिलै पिया मेरा॥व्याकुल प्राण धरत नहिं धीरज मिल तूं मीत सबेरा।गोविंद, मिल तूं मीत सबेरा।गोविंद कबहुं मिलै पिया मेरा॥मीरा के प्रभु गिरधर नागर ताप तपन बहुतेरा।गोविंद, ताप
भगवान मेरी नैया उस पार लगा देना - उमा
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अब सौंप दिया इस जीवन का - उमा
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यही हरि भक्त कहते हैं - उमा
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कान्हा तोरी जोहत रह गई बाट - उमा
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कान्हा तोरी जोहत रह गई बाट ।जोहत जोहत एक पग ठानी,कालिंदी के घाट,कान्हा तोरी जोहत रह गई बाट ।झूठी प्रीत करी मनमोहन,या कपटी की बात,कान्हा तोरी जोहत रह गई बाट ।मीरा के प्रभु गिरघर नागर,दे गियो बृज को चाठ,कान्हा तोरी जोहत रह गई बाट ।Listen to Bhajan sung by Dr. Uma Shrivastava by clicking here.
अबकी टेक हमारी - उमा
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अबकी टेक हमारी, लाज राखो गिरिधारी।जैसी लाज रखी पारथ की, भारत जुद्ध मंझारी। सारथि होके रथ को हांक्यो, चक्र-सुदर्शन-धारी।भगत की टेक न टारी।अबकी टेक हमारी…जैसी लाज रखी द्रौपदि की, होन्हिं न दीन्हिं उघारी। खैंचत खैंचत दोऊ भुज थाके, दु:शासन पचि हारी।चीर बढ़ायो मुरारी ।अबकी टेक हमारी…सूरदास की लज्जा राखो, अब को है रखवारी ? राधे राधे श्रीवर-प्यारी श्रीवृषभान-दुलारी। सरन तकि आयो
किसकी शरण में जाऊं - उमा
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किसकी शरण में जाऊं अशरण शरण तुम्हीं हो ॥गज ग्राह से छुड़ाया प्रह्लाद को बचाया।द्रौपदी का पट बढ़ाया  निर्बल के बल तुम्हीं हो ॥अति दीन था सुदामा आया तुम्हारे धामा।धनपति उसे बनाया  निर्धन के धन तुम्हीं हो ॥तारा सदन कसाई अजामिल की गति बनाई।गणिका सुपुर पठाई  पातक हरण तुम्हीं हो ॥मुझको तो हे बिहारी आशा है बस तुम्हारी।काहे सुरति बिसारी  मेरे तो एक तुम्हीं हो ॥Listen to Bhajan sung by
तू दयालु दीन हौं - उमा
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तू दयालु, दीन हौं, तू दानि, हौं भिखारी।हौं प्रसिद्ध पातकी, तू पाप-पुंज-हारी॥नाथ तू अनाथ को, अनाथ कौन मोसो।मो समान आरत नहिं, आरतिहर तोसो॥ब्रह्म तू, हौं जीव, तू है ठाकुर, हौं चेरो।तात-मात, गुरु-सखा, तू सब विधि हितु मेरो॥तोहिं मोहिं नाते अनेक, मानियै जो भावै।ज्यों त्यों तुलसी कृपालु! चरन-सरन पावै॥Listen to Bhajan sung by Dr. Uma Shrivastava
जो भजे हरि को सदा - उमा
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जो भजे हरि को सदा सो परम पद पायेगा ..देह के माला तिलक और भस्म नहिं कुछ काम के .प्रेम भक्ति के बिना नहिं नाथ के मन भायेगा ..जो भजे हरि को सदा सो परम पद पायेगा ..दिल का दर्पण साफ कर और दूर कर अभिमान को .खाक हो गुरु के चरण की फिर जनम नहीं पायेगा ..जो भजे हरि को सदा सो परम पद पायेगा ..छोड़ दुनिया के मज़े और बैठ कर एकांत में .ध्यान धर हरि के चरण का तो प्रभु मिल जायेगा ..जो भजे हरि को सदा सो परम पद
श्याम आये नैनों में - उमा
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श्याम आये नैनों मेंबन गयी मैं साँवरीशीश मुकुट बंसी अधररेशम का पीताम्बरपहने है वनमाल, सखीसलोनो श्याम सुन्दरकमलों से चरणों परजाऊँ मैं वारि रीमैं तो आज फूल बनूँधूप बनूँ दीप बनूँगाते गाते गीत सखीआरती का दीप बनूँआज चढ़ूँ पूजा मेंबन के एक पाँखुड़ीListen to Bhajan sung by Dr. Uma Shrivastava by clicking here.
होली: होलीआई रे कान्हा बृज के बसिया - उमा
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Listen to this Holi `Holi aayii re kaanhaa brij ke basiya' in the voice of Dr. Uma Shrivastavaहोलीआई रे कान्हा बृज के बसियाहोलीआई रे कान्हा…आज बिरज में धूम मची है, सब मिल खेलें होलीझांझ मृदङ्ग मंजीरा बाजे,नाचे छोरा छोरीऐसी धूम मची बृज में रसियाहोलीआई रे कान्हा…अपने अपने घर से निकसी, कोई श्यामल कोई गोरी,किसी के हाथ गुलाल पिटारी कोई मारे पिचकारीअब तो धूम मची बृज में रसियाहोलीआई रे कान्हा…इत से
होली: राम-जानकी की होरी
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Listen to the Holi `Ram Janki ki Hori` sung by Shri Vibhu Varmaराम-जानकी की होरी (२)जनकपुर देखन चलो री, राम-जानकी की होरी…कौशल भूषण इत रघुनन्दन, उत मिथिलेश किशोरी, (२)सखा राम के, सखी सिया की, (२)कैसा ये फाग रचो री, जुगल छवि आज लखो री, राम जानकी की होरी…लपक झपक सीता ने लक्ष्मण, पकड़ लिये बरजोरी, (२)कहां गये वो धनुष बाण अब, (२)बेंदी माथे धरो री, सखी इनके रोली मलो री,राम जानकी की होरी…इतने में
होली: होली आज जले चाहे काल जले
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Listen to the Holi `Holi Aaj jale chahe kaal jale` in the voice of Shri Abhay Shrivastava.होली आज जले चाहे काल जले (२)मोरा श्याम सुन्दर मोसे आन मिले (२)होली आज जले ... जब सब सखियाँ श्रृंगार करत हैं, मैं बिरहन बिरहा से जलूँ सखीमैं बिरहन बिरहा से जलूँ होली आज जले ... सब के पिया घर ही बसत हैं, हमरे पिया परदेस बसे री सखीहमरे पिया परदेस बसेहोली आज जले ... मीरा के प्रभु
होली: मोहन अजब खिलाड़ी
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Listen to the Holi, Mohan Ajab Khilari` in the voice of Shri Abhay Shrivastavaमोहन अजब खिलाड़ी, देखो होली कौतुक भारीमोहन अजब...नर तन धर सोई नट नागर, श्री वृषभानु दुलारी, (२)दिखलावत नित नये तमाशे, (२)चतुरन बहुत विचारी, बुद्धि सबकी पचि हारी  मोहन अजब... मन मटकी भर प्रेम रंग से, सुचिता की पिचकारी  (२)तक तक मारिये श्याम सुंदर पर, (२)चूके न अवसर भारी, कपट को घूंघट हटा री 
होली: बिरज में धूम मचायो कान्हा
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Listen to the Holi, Biraj me dhoom machayo Kanha in the voice of Shri V N Shrivastav, Bhola.
होली गीत
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राम परिवार में गाये जाने वाले पारंपरिक होली गीतबिरज में धूम मचायो कान्हामैं तो रंगी तुम ही रंग प्यारेमोहन अजब खिलाड़ीराम जानकी की होरीहोरी खेलत गिरधारीहोली आज जले चाहे काल जलेहोली आयी रे कान्हा बृज के बसिया
भजन: राम भजा सो जीता जग में
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Bhajan: Ram Bhaja so Jeeta Jag Me
Sai Bhajan: ये सब तुम्हारी मैहर है बाबा
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Listen to VNS 'Bhola' teaching the bhajan to Prarthana & Chhavi.
धुन : आते भी राम बोलो
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Dhun: aate bhi Ram bolo, jaate bhi Ram bolo
अमृत वाणी
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Listen to Amritvani
सुन्दरकाण्ड - श्रीरामचरितमानस
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Do the Sundarkand Path along with Shri Shiv Dayal Ji and Anil Shrivastava.
भजन: जय शिव शंकर औघड़दानी
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Bhajan: jay shiv shankar aughaddani
भजन: शंकर शिव शम्भु साधु सन्तन सुखकारी
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bhajan: Shankar Shiv Shambhu Sadhu Santan Sukhkari
भजन: रोम रोम में रमा हुआ है
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rom rom me ramA huA hai
भजन: भज मन राम चरण सुखदाई ..
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Bhajan: bhaj man ram charan sukhdai
भजन: पढ़ो पोथी में राम
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Bhajan: Padho pothi me Ram
भजन: अब कैसे छूटै राम नाम रट लागी
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bhajan: ab kaise chhute ram rat lagi
भजन: रे मन मूरख, जनम गँवायौ
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Bhajan: re man murakh janam gavaayo
भजन: राम से बड़ा राम का नाम ..
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Bhajan: Ram se bada Ram ka nam
भजन: हरि हरि हरि हरि सुमिरन करो
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bhajan: hari hari hari hari sumiran karo
श्री हनुमान चालीसा
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hanuman janmotsav ki bahut bahut badhai
भजन: रहे जनम जनम तेरा ध्यान, यही वर दो मेरे राम
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भजन: राम नाम जपने वाले को राम मिलेगा
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Listen to Bhajan: Ram Nam Japne Vale ko Ram Milega
नैहरवा हमका न भावे - भजन - कबीरदास
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naiharavaa hamakaa naa bhaave - bhajan by Sant Kabirdas
अबिनासी दुलहा कब मिलिहो - भजन - सन्त कबीरदास जी
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abinasi duliha kab miliho - bhajan by Sant Kabirdas
दीनबंधु दीनानाथ मेरी तन हेरिये - भजन - मलूकदास
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deenbandhu deenanath meri tan heriye - Bhajan by Sant Malukdas
भजन: राम दो निज चरणों में स्थान
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Ram, do nij charano me sthan
कीर्तन: हमारे रामजी से राम राम
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Click to Listen to hamare ramji se ram ram, kahiyo ji hanuman
भजन: संकटमोचन कृपानिधान जय हनुमान जय जय हनुमान
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Bhajan: Sankat Mochan Kripa Nidhan Jay Hanuman Jay Jay Hanuman
संकट मोचन हनुमाष्टक
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Listen to Sankat Mochan Hanumanashtak sung by Shri Ram Parivar members by clicking here.
भजन: या मोहन के मैं रूप लुभानी
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Bhajan: Ya Mohan ke main roop lubhani
भजन: सुने री मैंने निरबल के बल राम
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Bhajan: sune ri maine nirbal ke bal ram
भजन: जाऊँ कहाँ तजि चरन तुम्हारे
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Bhajan: jau kahan taji charan tumhare
भजन : अब तुम कब सिमरोगे राम
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bhajan : ab tum kab simaroge ram
भजन: प्रीति लगी तुम नाम की
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Listen to this bhajan sung by Shri VNS 'Bhola' by clicking here.
भजन: परम गुरु राम मिलावनहार
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एक सुंदर भावपूर्ण भजन --
भजन: जो भजे हरि को सदा
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जो भजे हरि को सदा सो परम पद पायेगा ..
आरती: ॐ जय लक्ष्मी माता
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आरती: जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा .
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आरती: जगजननी जय जय
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जगजननी जय! जय! माँ! जगजननी जय! जय!
कीर्तन: मैया तेरा बना रहे दरबार
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आरती: जय अम्बे गौरी
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भजन: नमामि अम्बे दीन वत्सले
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नमामि अम्बे दीन वत्सले,
भजन: गुरुजी मैं तो एक निरंजन ध्याऊँ
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bhajan: guruji main to ek niranjan dhyaaun
भजन: अस कछु समुझि परत रघुराया
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Bhajan: As kachhu samaujhi parat raghuraya
भजन: रे मन हरि सुमिरन कर लीजै
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Click here to listen to the bhajan
कीर्तन: राधे राधे, श्याम मिला दे
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कीर्तन: राधे रानी की जय
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भजन: नाम जपन क्यों छोड़ दिया
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Bhajan: Nam Japan Kyo Chod Diya
भजन: हरि तुम हरो जन की भीर
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Bhajan: Hari Tum Haro Jan Ki Bheer
भजन: शुभ घड़ी प्रथम गणेश मनाओ
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शुभ घड़ी प्रथम गणेश मनाओ ।  मंगल दीप जलाओ जलाओ ।। 
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